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विटामिन डी की कमी कà¥à¤¯à¤¾ है? कारण, लकà¥à¤·à¤£, और इलाज | Vitamin D Deficiency in Hindi
विटामिन डी की कमी का मतलब है कि आपके शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन डी नहीं है। यह मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आपकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों के साथ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण बनता है।
विटामिन डी à¤à¤• आवशà¥à¤¯à¤• विटामिन है जिसका उपयोग आपका शरीर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सामानà¥à¤¯ विकास और रखरखाव के लिठकरता है। विटामिन डी आपके तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° (nervous system), मसà¥à¤•à¥à¤²à¥‹à¤¸à¥à¤•ेलेटल सिसà¥à¤Ÿà¤® (musculoskeletal system) और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में à¤à¥€ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है।
विटामिन डी इतना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है? Why is vitamin D so important?
विटामिन डी आपके शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• कई विटामिनों में से à¤à¤• है। यह आपके रकà¥à¤¤ और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के संतà¥à¤²à¤¨ को बनाठरखने और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ और रखरखाव में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। अधिक विशेष रूप से, आपको विटामिन डी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है ताकि आपका शरीर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ ऊतकों (support healthy tissues) का समरà¥à¤¥à¤¨ करने के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ का उपयोग कर सके।
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• और/या गंà¤à¥€à¤° विटामिन डी की कमी के साथ, आपकी आंतों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ (phosphorus) के अवशोषण में गिरावट से हाइपोकैलà¥à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (hyperparathyroidism) (आपके रकà¥à¤¤ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का निमà¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤°) हो जाता है। यह माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• हाइपरपैराथायरायडिजà¥à¤® (secondary hyperparathyroidism) (रकà¥à¤¤ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के सà¥à¤¤à¤° को सामानà¥à¤¯ रखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने वाली अतिसकà¥à¤°à¤¿à¤¯ पैराथायरायड गà¥à¤°à¤‚थियाà¤) की ओर जाता है।
हाइपोकैलà¥à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ और हाइपरपैराथायरायडिजà¥à¤® दोनों, यदि गंà¤à¥€à¤° हैं, तो मांसपेशियों में कमजोरी और à¤à¤‚ठन, थकान और अवसाद सहित लकà¥à¤·à¤£ पैदा कर सकते हैं।Â
आपके रकà¥à¤¤ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के सà¥à¤¤à¤° को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने की कोशिश करने के लिठ(माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• हाइपरपैराटà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¡à¤¿à¤œà¥à¤® के माधà¥à¤¯à¤® से), आपका शरीर आपकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® लेता है, जिससे तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ असà¥à¤¥à¤¿ विखनिजीकरण होता है (जब à¤à¤• हडà¥à¤¡à¥€ तेजी से टूट जाती है, तो वह सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकती है)।
इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प वयसà¥à¤•ों में ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤²à¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ (osteomalacia) (नरम हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚) और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रिकेटà¥à¤¸ हो सकता है। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤²à¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ और ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (osteoporosis) आपको हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° के जोखिम में डालते हैं। रिकेटà¥à¤¸ ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤²à¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ के समान है, लेकिन यह केवल बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। चूà¤à¤•ि à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤ अà¤à¥€ à¤à¥€ बढ़ रही हैं, विखनिजीकरण के कारण हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤à¥à¤•ी हà¥à¤ˆ या मà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ होती हैं।
विटामिन डी की कमी किसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है? Who does vitamin D deficiency affect?
शिशà¥à¤“ं, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और वयसà¥à¤•ों सहित किसी को à¤à¥€ विटामिन डी की कमी हो सकती है। उचà¥à¤š तà¥à¤µà¤šà¤¾ मेलेनिन सामगà¥à¤°à¥€ (गहरी तà¥à¤µà¤šà¤¾) वाले लोगों में विटामिन डी की कमी अधिक आम हो सकती है और जो वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ कवरेज वाले कपड़े पहनते हैं, खासकर मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µà¥€ देशों में।
विटामिन डी की कमी के कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ हैं? What are the symptoms of Vitamin D deficiency?
विटामिन डी की कमी वाले अधिकांश लोग लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ नहीं होते हैं। हालांकि, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ कमी से हाइपोकैलà¥à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (hypocalcemia), कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी की बीमारी और हाइपरपैराथायरायडिजà¥à¤® (hyperparathyroidism) हो सकता है, जहां पैराथायरायड गà¥à¤°à¤‚थियां (parathyroid glands) à¤à¤• हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ असंतà¥à¤²à¤¨ पैदा करती हैं जो रकà¥à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाती है।
इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं जिनमें निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित शामिल हैं :-
हडà¥à¤¡à¥€ की नाजà¥à¤•ता, विशेष रूप से वृदà¥à¤§ वयसà¥à¤•ों में
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦
थकान
मांसपेशी हिल
मांसपेशी में कमज़ोरी
मांसपेशियों में दरà¥à¤¦
गठिया (arthritis), या जोड़ों में अकड़न
यदि विटामिन डी की कमी लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प जटिलताà¤à¤ हो सकती हैं, जैसे:
हृदय की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा संबंधी रोग
संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की जटिलताà¤à¤‚
कà¥à¤› कैंसर, जिनमें सà¥à¤¤à¤¨ (Breast cancer), पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ और कोलन शामिल हैं
विटामिन डी की कमी के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हैं? What are the causes of Vitamin D deficiency?
सामानà¥à¤¯ तौर पर, विटामिन डी की कमी के दो निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हैं :-
अपने आहार में और/या धूप के माधà¥à¤¯à¤® से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन डी नहीं मिल रहा है।
आपका शरीर विटामिन डी को ठीक से अवशोषित या उपयोग नहीं कर रहा है।
विटामिन डी की कमी के कई विशिषà¥à¤Ÿ कारण हैं, जिनमें निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित शामिल हैं :-
कà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚।
वजन घटाने वाली सरà¥à¤œà¤°à¥€à¥¤
कà¥à¤› दवाà¤à¤‚।
कई अलग-अलग जैविक और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारक à¤à¥€ आपको विटामिन डी की कमी के विकास के अधिक जोखिम में डाल सकते हैं, जैसे कि वृदà¥à¤§à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में मेलेनिन (वरà¥à¤£à¤•) की मातà¥à¤°à¤¾à¥¤Â
चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जो विटामिन डी की कमी का कारण बन सकती हैं
सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (Cystic fibrosis), कà¥à¤°à¥‹à¤¹à¤¨ रोग (Crohn's disease) और सीलिà¤à¤• रोग (celiac disease): ये सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आपकी आंतों को पूरक आहार के माधà¥à¤¯à¤® से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन डी को अवशोषित करने से रोक सकती हैं, खासकर अगर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का इलाज नहीं किया जाता है।Â
मोटापा: 30 से अधिक बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ कम विटामिन डी के सà¥à¤¤à¤° से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है। वसा कोशिकाà¤à¤‚ विटामिन डी को अलग रखती हैं ताकि यह रिलीज न हो। मोटापे को सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° तक पहà¥à¤‚चने और बनाठरखने के लिठअकà¥à¤¸à¤° विटामिन डी की खà¥à¤°à¤¾à¤• की बड़ी खà¥à¤°à¤¾à¤• लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
किडनी की बीमारी और लीवर की बीमारी: ये सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कà¥à¤› à¤à¤‚जाइमों की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करती हैं (यकृत à¤à¤‚जाइम 25-आपके यकृत से हाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤²à¥‡à¤œà¤¼ और आपके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ से 1-अलà¥à¤«à¤¾-हाइडà¥à¤°à¥‰à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤²à¥‡à¤œà¤¼) आपके शरीर को विटामिन डी को उस रूप में बदलने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है जिसका वह उपयोग कर सकता है। इन à¤à¤‚जाइमों में से किसी à¤à¤• की कमी से आपके शरीर में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ विटामिन डी का अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¤° हो जाता है।
वजन घटाने की सरà¥à¤œà¤°à¥€ और विटामिन डी की कमी
वजन घटाने की सरà¥à¤œà¤°à¥€ जो आपके पेट के आकार को कम करती है और/या आपकी छोटी आंतों के बाईपास हिसà¥à¤¸à¥‡ को कम करती है, जैसे गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• बाईपास सरà¥à¤œà¤°à¥€, आपके शरीर के लिठकà¥à¤› पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚, विटामिन और खनिजों की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ को अवशोषित करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल बना देती है।
यदि आपकी वजन घटाने की सरà¥à¤œà¤°à¥€ हà¥à¤ˆ है, तो अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ को नियमित रूप से देखना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है ताकि वे आपके विटामिन डी के सà¥à¤¤à¤° और अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के सà¥à¤¤à¤° की निगरानी कर सकें। आपको जीवन à¤à¤° विटामिन डी की खà¥à¤°à¤¾à¤• और अनà¥à¤¯ पूरक लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी।
दवाà¤à¤‚ जो विटामिन डी की कमी का कारण बन सकती हैं
रेचक।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡à¥¤
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² कम करने वाली दवाà¤à¤‚ (high cholesterol)।
जबà¥à¤¤à¥€-नियंतà¥à¤°à¤£ दवाà¤à¤‚।
रिफैमà¥à¤ªà¤¿à¤¨à¥¤
वजन घटाने वाली दवा।
हमेशा अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ को अपनी दवाओं और आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ली जाने वाली किसी à¤à¥€ पूरक और/या जड़ी-बूटियों के बारे में बताà¤à¤‚।Â
विटामिन डी की कमी की संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जटिलताओं कà¥à¤¯à¤¾ हैं? What are the possible complications of vitamin D deficiency?
विटामिन डी की कमी की सबसे गंà¤à¥€à¤° जटिलताओं में शामिल हैं:
निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सà¥à¤¤à¤° (हाइपोकैलà¥à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾)।
निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤ फॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ सà¥à¤¤à¤° (हाइपोफॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤®à¤¿à¤¯à¤¾)।
रिकेटà¥à¤¸ (बचपन में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का नरम होना)।
असà¥à¤¥à¤¿à¤®à¥ƒà¤¦à¥à¤¤à¤¾ (वयसà¥à¤•ों में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का नरम होना)।
ये सà¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ उपचार योगà¥à¤¯ हैं। जबकि रिकेटà¥à¤¸ à¤à¤• इलाज योगà¥à¤¯ और अकà¥à¤¸à¤° इलाज योगà¥à¤¯ बीमारी है, जितनी जलà¥à¤¦à¥€ हो सके इसका इलाज करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। जब इलाज नहीं किया जाता है, तो रिकेटà¥à¤¸ के मामूली मामलों में लंबे समय तक हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को नà¥à¤•सान हो सकता है जो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को ठीक से बढ़ने से रोक सकता है। गंà¤à¥€à¤° मामले जिनका इलाज नहीं किया जाता है, वे दौरे, दिल की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ और मृतà¥à¤¯à¥ का कारण बन सकते हैं।Â
विटामिन डी की कमी के लिठसबसे अधिक जोखिम में कौन है? Who is most at risk for vitamin D deficiency?
चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अलावा जो विटामिन डी की कमी का कारण बन सकती हैं, जैविक और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारक जो किसी को विटामिन डी की कमी के बढ़ते जोखिम में डालते हैं उनमें शामिल हैं:
उमà¥à¤°: आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ की उमà¥à¤° के साथ विटामिन डी बनाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम होती जाती है, इसलिठ65 साल से अधिक उमà¥à¤° के लोगों को विटामिन डी की कमी का खतरा विशेष रूप से होता है। शिशà¥à¤“ं को à¤à¥€ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन डी नहीं मिलने का खतरा होता है। यह उन शिशà¥à¤“ं के लिठविशेष रूप से सच है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ केवल सà¥à¤¤à¤¨ का दूध पिलाया जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें विटामिन डी की थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ ही होती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ का रंग: गहरे रंग की तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठहलà¥à¤•े रंग की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में धूप से विटामिन डी बनाना अधिक कठिन होता है, इसलिठगहरे रंग की तà¥à¤µà¤šà¤¾ वाले लोगों में विटामिन डी की कमी होने का खतरा अधिक होता है।
गतिशीलता: जो लोग घर से बाहर हैं या शायद ही कà¤à¥€ बाहर जाते हैं (उदाहरण के लिà¤, नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग होम और अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं में लोग) विटामिन डी के सà¥à¤°à¥‹à¤¤ के रूप में सूरà¥à¤¯ के संपरà¥à¤• का उपयोग करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार, वे विटामिन डी की कमी के लिठà¤à¤• उचà¥à¤š जोखिम में हैं। .
कà¥à¤¯à¤¾ अधिक विटामिन डी लेने से समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤ हो सकती है? Can Taking Too Much Vitamin D Cause Problems?
हाà¤, यदि आप बहà¥à¤¤ अधिक सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेते हैं तो आपको बहà¥à¤¤ अधिक विटामिन डी मिल सकता है। दिलचसà¥à¤ª बात यह है कि आपको सूरज से बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विटामिन डी नहीं मिल सकता है। विटामिन डी विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है, लेकिन इससे हाइपरलकसीमिया (hypercalcemia) हो सकता है, जिसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित शामिल हो सकते हैं :-
जी मिचलाना।
पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ और पेशाब में वृदà¥à¤§à¤¿à¥¤
अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¥‚ख।
कबà¥à¤œà¥¤
कमज़ोरी।
à¤à¥à¤°à¤®à¥¤
गतिà¤à¤‚ग (बिगड़ा हà¥à¤† संतà¥à¤²à¤¨ या समनà¥à¤µà¤¯)।
डिसरथà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ à¤à¤¾à¤·à¤£)।
विटामिन डी की कमी का निदान कैसे किया जाता है? How is vitamin D deficiency diagnosed?Â
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ आमतौर पर विटामिन डी के सà¥à¤¤à¤° की नियमित जांच का आदेश नहीं देते हैं, लेकिन यदि आपके पास विटामिन डी की कमी के लिठकà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ या जोखिम कारक हैं और/या इसके लकà¥à¤·à¤£ हैं, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आपके सà¥à¤¤à¤° की जांच करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
आपका पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ आपके विटामिन डी के सà¥à¤¤à¤° को मापने के लिठरकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ का आदेश दे सकता है। दो पà¥à¤°à¤•ार के परीकà¥à¤·à¤£ हैं जो वे आदेश दे सकते हैं, लेकिन सबसे आम 25-हाइडà¥à¤°à¥‰à¤•à¥à¤¸à¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ डी (25-hydroxyvitamin D) है, जिसे संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में 25(OH)Dके रूप में जाना जाता है।
विटामिन डी की कमी का इलाज कैसे किया जाता है? How is vitamin D deficiency treated?
विटामिन डी की कमी के उपचार और रोकथाम के लकà¥à¤·à¥à¤¯ समान हैं: अपने शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन डी सà¥à¤¤à¤° तक पहà¥à¤‚चना और फिर उसे बनाठरखना।
जबकि आप विटामिन डी यà¥à¤•à¥à¤¤ अधिक खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाने और अधिक धूप पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने पर विचार कर सकते हैं, आपका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ विटामिन डी की खà¥à¤°à¤¾à¤• लेने की सिफारिश करेगा।
विटामिन डी दो रूपों में आता है: डी2 और डी3 D2 (à¤à¤°à¥à¤—ोकैलà¥à¤¸à¥€à¤«à¥‡à¤°à¥‹à¤²) (D2 and D3. D2 ergocalciferol) पौधों से आता है। D3 (कोलेकैलà¥à¤¸à¥€à¤«à¥‡à¤°à¥‰à¤²) (cholecalciferol) जानवरों से आता है। D2 पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठआपको à¤à¤• सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। हालाà¤à¤•ि, D3, काउंटर पर उपलबà¥à¤§ है। आपका शरीर D2 की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में D3 को अधिक आसानी से अवशोषित करता है।
अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ के साथ यह पता लगाने के लिठकाम करें कि कà¥à¤¯à¤¾ आपको विटामिन पूरक की आवशà¥à¤¯à¤•ता है और यदि आवशà¥à¤¯à¤• हो तो कितना लेना है।
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